अपनी कला बेचें
विशलिस्ट शॉपिंग कार्ट Cart
x
पूर्वावलोकन देखेंपूर्वावलोकन देखें AR में देखेंAR में देखें हाथ से बनी पेंटिंग खरीदें हाथ से बनी पेंटिंग खरीदेंछवि खरीदें छवि खरीदें साझा करेंसाझा करें
विस्तृत विवरणविस्तृत विवरण पसंदीदा में जोड़ें पसंदीदा में जोड़ें डाउनलोड करेंडाउनलोड करें समान कलाकृतियाँसमान कलाकृतियाँ एक्स-रेएक्स-रे स्लाइड शो देखेंस्लाइड शो देखें

Self Portrait with Braid

Bold Frida Kahlo’s ‘Self Portrait with Braid’ captures a striking 1941 image of the artist herself, showcasing her iconic snake-like braid and dramatic makeup. This captivating painting offers a glimpse into Kahlo's intensely personal style – explore this unique artwork.

फ्रिडा काहलो, 20वीं सदी की एक महान मैक्सिकन कलाकार! अपनी आत्म-चित्रों और दर्दनाक अनुभवों के चित्रण से जानी जाती हैं। उनकी कला पहचान, पीड़ा और लचीलापन की कहानी कहती है।

गिक्ली / आर्ट प्रिंट

तेज़ उत्पादन और विभिन्न फिनिश विकल्पों के साथ म्यूजियम-क्वालिटी गिकली (giclée) या कैनवस प्रिंट। (हाथ से बनी पेंटिंग खरीदें हाथ से बनी पेंटिंग खरीदेंछवि खरीदें छवि खरीदें)

P118B $10
P118H $10
P118W $10
P438Z $10
P508JH $12
P508YH $12
P805H $10
P805Z $10
P919BZ $10
P919G $10
P919XJ $10
P959ZH $10
P968JZ $12
W106C $8
W218G $10
W218JH $8
W218Y $10
W307PJ $10
W316G $10
W316PJ $8
W316Y $10
W398PJ $8
W4111J $10
W500HY $15
W500JH $15
W692G $12
W849H $8
W940BG $15
W953PJ $8

Standard
custom
CM
INCH

कलाकृति के मूल अनुपात से मेल खाने वाले हमारे पूर्व निर्धारित आकारों में से चुनें।

चौड़ाई
ऊँचाई

आप किसी विशिष्ट फ्रेम या स्थान के अनुसार अपने स्वयं के आयाम (dimensions) दर्ज कर सकते हैं। यदि आपके द्वारा चुना गया आकार मूल छवि के अनुपात से मेल नहीं खाता है, तो हम कलाकृति को क्रॉप कर देंगे या मिरर किए गए या सॉलिड-फिल किनारे के साथ छवि का विस्तार करेंगे। उत्पादन शुरू होने से पहले आपकी स्वीकृति के लिए एक डिजिटल मॉकअप भेजा जाएगा।
कृपया ध्यान दें कि स्क्रीन पर दिखने वाला प्रीव्यू वास्तविक क्रॉपिंग या विस्तार को नहीं दर्शाता है। केवल मॉकअप ही अंतिम संरचना को सटीक रूप से दिखाएगा।
हालाँकि कस्टम आकार उपलब्ध हैं, फिर भी हम मूल अनुपात बनाए रखने के लिए पूर्व-निर्धारित सूची में से एक आयाम चुनने की सलाह देते हैं।

विश्वव्यापी डिलीवरी (), मानक 4/5 सप्ताह के बजाय मात्र 2 सप्ताह में। (12 अगस्त)

why_choose_icon
दुनिया भर में मुफ़्त एक्सप्रेस शिपिंग
why_choose_icon
उच्च गुणवत्ता वाला लिनेन कैनवास
why_choose_icon
पूर्ण शिपिंग बीमा
why_choose_icon
सीमा शुल्क और आयात कर वापसी की गारंटी
why_choose_icon
सटीक रंग मिलान की गारंटी
why_choose_icon
60-दिन की वापसी नीति (केवल दोषों के लिए)
why_choose_icon
100% पैसे वापसी की गारंटी
why_choose_icon
थोक छूट का लाभ

कुल कीमत

$ 68

reproduction

Self Portrait with Braid

गिक्ली / आर्ट प्रिंट

प्रतिकृति का आकार

-

कुल देय राशि

$ 68

प्रमुख विशेषताएँ

  • Artist: Frida Kahlo
  • Dimensions: 51 x 39 cm
  • Subject or theme: Self-portraiture
  • Title: Self Portrait with Braid
  • Year: 1941

संग्रहणीय वस्तु का विवरण

The Unveiling of Self: Frida Kahlo's Striking Vision

To stand before a self-portrait by Frida Kahlo is not merely to observe a likeness; it is to encounter a profound, unapologetic declaration of existence. In Self Portrait with Braid, the artist confronts the viewer with an image that pulses with raw vitality and intricate symbolism. The subject gazes out from the canvas, her presence commanding attention through every meticulously rendered detail—from the bold sweep of her makeup to the dramatic architecture of her hair. This painting captures Kahlo at a pivotal moment in her artistic journey, presenting herself not as a passive muse, but as an active, self-defining entity whose very being is art.

Symbolism Woven into Hair and Adornment

The most arresting feature, undeniably, is the elaborate hairstyle. The braid itself seems to possess a life of its own, evoking comparisons to serpentine grace or perhaps the elegant curve of a bird's neck. This unique coiffure, combined with the striking makeup, transforms the portrait into an anthropological study as much as a personal reflection. Kahlo’s adornments—the layered necklaces—are not mere decoration; they are talismans, each piece speaking to cultural heritage, pain endured, or spiritual belief. Her self-portraits are always rich tapestries of meaning, inviting us, the viewer, to decode the language she spoke through pigment and form.

Technique and Emotional Resonance

Kahlo’s technique, while deeply personal, possesses a striking immediacy that belies its complexity. The paintwork is direct, almost visceral, allowing the emotional weight of her experience—the pain, the passion, the resilience—to permeate every visible surface. When considering a reproduction of this piece for your collection or interior space, one must appreciate how the vibrancy of the colors and the intensity of the gaze translate across mediums. The painting doesn't whisper its story; it sings it out with a passionate, unwavering voice that resonates long after one has stepped away from the frame.

A Window into Mexican Identity and Suffering

Painted in 1941, this work sits within a rich historical context where Kahlo was deeply engaged with Mexican culture and identity. Her art often served as both an act of defiance against external pressures and an intimate mapping of her own physical and emotional landscape. The self-portrait tradition allowed her to bypass the limitations imposed by others, making herself the ultimate subject, the sole arbiter of her own narrative. Owning a piece like this is acquiring a fragment of that defiant spirit—a testament to enduring beauty forged in the crucible of hardship.


कलाकार का जीवन परिचय

फ्राविदा काहलो: पीड़ा और जुनून की एक जीवनगाथा

फ्राविदा काहलो, मैक्सिको की महानतम कलाकारों में से एक, का जन्म 6 जुलाई 1907 को कोयोआकन, मेक्सिको सिटी में हुआ था। उनका जीवन शारीरिक पीड़ा और भावनात्मक उथल-पुथल से भरा रहा, जिसने उनकी कला को गहराई से प्रभावित किया। उनके पिता, गुइलेर्मो काहलो, एक जर्मन-मैक्सिकन फोटोग्राफर थे जिन्होंने फ्राविदा के भीतर कलात्मक प्रतिभा को पहचाना और प्रोत्साहित किया। बचपन में ही उन्हें पोलियो हो गया था, जिससे उनका शरीर कमजोर हो गया, लेकिन इसने उन्हें अपनी आंतरिक दुनिया की खोज करने और अपने अनुभवों को कला के माध्यम से व्यक्त करने के लिए प्रेरित किया। 1925 में एक भयानक बस दुर्घटना ने उनके जीवन को हमेशा के लिए बदल दिया। इस दुर्घटना में उन्हें गंभीर चोटें आईं, जिसके कारण उन्हें लंबे समय तक बिस्तर पर रहना पड़ा। इसी दौरान उन्होंने चित्रकला को अपना लिया, जो उनकी पीड़ा और अकेलेपन का सहारा बन गया।

आत्म-चित्रणों की दुनिया: पहचान और पीड़ा का प्रतिबिंब

फ्राविदा काहलो ने आत्म-चित्रणों पर विशेष ध्यान दिया, जिनमें उन्होंने अपनी शारीरिक और भावनात्मक पीड़ा को दर्शाया। उनके चित्रों में अक्सर प्रतीकात्मक तत्व शामिल होते हैं जो उनकी आंतरिक भावनाओं और अनुभवों को व्यक्त करते हैं। 'द टू फ्रिडास' (1939) उनकी सबसे प्रसिद्ध कृतियों में से एक है, जिसमें उन्होंने अपने दोहरे व्यक्तित्व को दर्शाया है - एक यूरोपीय और एक मैक्सिकन। यह चित्र उनके विवाह के बाद की भावनात्मक उथल-पुथल का प्रतीक है। इसी तरह, 'सेल्फ-पोर्ट्रेट विथ थॉर्न नेकलेस एंड हमिंगबर्ड' (1940) में, उन्होंने अपनी पीड़ा को कांटेदार माला और दुर्भाग्यपूर्ण बिल्ली के माध्यम से दर्शाया है, जबकि हमिंगबर्ड आशा और लचीलापन का प्रतीक है। उनके चित्रों में शरीर की भंगुरता, दर्द और मृत्यु जैसे विषयों को साहसपूर्वक चित्रित किया गया है, जो उन्हें अन्य कलाकारों से अलग करते हैं। फ्राविदा ने अपनी कला के माध्यम से न केवल व्यक्तिगत पीड़ा को व्यक्त किया, बल्कि महिलाओं के अनुभवों और सामाजिक मुद्दों पर भी प्रकाश डाला।

प्रभाव और विकास: मैक्सिकन संस्कृति का उत्सव

फ्राविदा काहलो की कला पर मैक्सिकन लोक कला, यूरोपीय पुनर्जागरण चित्रकला और आधुनिकतावादी आंदोलनों का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उन्होंने अपनी कला में चमकीले रंगों, नाटकीय प्रतीकों और पारंपरिक मैक्सिकन रूपांकनों का उपयोग किया। उनके पति, डिएगो रिवेरा, एक प्रसिद्ध मैक्सिकन भित्तिचित्र कलाकार थे, जिन्होंने उनकी कलात्मक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। फ्राविदा ने डिएगो से प्रेरणा ली और अपनी अनूठी शैली विकसित की जो मैक्सिकन संस्कृति और आधुनिक कला के तत्वों को जोड़ती है। उन्होंने अपने चित्रों में मैक्सिकन पहचान, नारीत्व और सामाजिक न्याय जैसे विषयों को उठाया। फ्राविदा काहलो की कला न केवल व्यक्तिगत अनुभवों का प्रतिबिंब है, बल्कि मैक्सिकन संस्कृति और इतिहास का भी उत्सव है।

ऐतिहासिक महत्व: एक सांस्कृतिक प्रतीक

फ्राविदा काहलो की कला ने 20वीं शताब्दी में महत्वपूर्ण प्रभाव डाला। उन्हें मैक्सिको के सबसे महान कलाकारों में से एक माना जाता है और उनकी कृतियाँ दुनिया भर के संग्रहालयों में प्रदर्शित होती हैं। फ्राविदा काहलो न केवल एक कलाकार थीं, बल्कि एक सांस्कृतिक आइकन भी थीं जिन्होंने पारंपरिक लिंग भूमिकाओं को चुनौती दी और महिलाओं के अधिकारों के लिए आवाज उठाई। उनकी कला ने नारीवादी आंदोलन को प्रेरित किया और उन्हें दुनिया भर की महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत बनाया। फ्राविदा काहलो की विरासत आज भी जीवित है, और उनकी कला पीढ़ी-दर-पीढ़ी लोगों को प्रेरित करती रहेगी। उन्होंने अपनी पीड़ा को शक्ति में बदल दिया और एक ऐसी कलात्मक विरासत छोड़ी जो हमेशा याद रखी जाएगी। फ्राविदा काहलो की कहानी हमें सिखाती है कि जीवन में चुनौतियों का सामना करते हुए भी सुंदरता और अर्थ खोजा जा सकता है।
फ्रिडा काहलो

फ्रिडा काहलो

1907 - 1954 , मेक्सिको

मुख्य तथ्य

  • कलात्मक शैली: अति यथार्थवाद, लोक कला
  • जन्म तिथि: 6 जुलाई 1907
  • जन्म स्थान: कोयोआकैन, मेक्सिको सिटी, मेक्सिको
  • पूरा नाम: मैगडालेना कार्मेन फ्रिदा काहलो वाई कैल्डेरोन
  • प्रभावित आंदोलन:
    • चिकानो कला
    • नारीवादी कलाकार
  • प्रभावित कलाकार:
    • मेक्सिकन लोक कलाकार
    • यूरोपीय पुनर्जागरण चित्रकार
  • प्रमुख कृतियाँ:
    • दो फ्रिदा
    • कांटे की माला के साथ स्व-चित्रित
    • टूटा हुआ स्तंभ
    • हेनरी फोर्ड अस्पताल
  • मृत्यु तिथि: 13 जुलाई 1954
  • राष्ट्रीयता: मेक्सिकन
विषयों, शैलियों और विशेषताओं के आधार पर व्यवस्थित कलाकृतियों का अन्वेषण करें।